Thursday, 22 February 2018

ख़ता-ऐ-इश्क़

कर लो गिले जो भी करने है,
मुझे जो चाहे सजा दे दो,
   एक बार जो गया ज़िन्दगी से तुम्हारी...
फिर ना शिकायत का मौका होगा,
ना मैं ता-ऐ-इश्क़ करूंगा।  

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